कृष्ण चालीसा
कृष्ण
॥ दोहा ॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्ब फल, नयन कमल अभिराम॥ ॥ चौपाई ॥ जय ...
गणेश चालीसा
गणेश
॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय ज...
दुर्गा चालीसा
दुर्गा
॥ दोहा ॥ नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो अम्बे दुःख हरनी॥ ॥ चौपाई ॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। ति...
लक्ष्मी चालीसा
लक्ष्मी
॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध करो, पूरण करो सब आस॥ ॥ चौपाई ॥ सिं...
विष्णू चालीसा
विष्णू
॥ दोहा ॥ नमो विष्णु भगवान को, शंख चक्र गदा धार। पीताम्बर शोभित करत, कृपा करो संसार॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय...
शनी चालीसा
शनी
॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय जय श्री शनिदेव...
शिव चालीसा
शिव
॥ दोहा ॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत संतन प्रतिपाला॥ भाल चंद्रमा सोहत नीके। कानन कुंडल नागफनी क...
सरस्वती चालीसा
सरस्वती
॥ दोहा ॥ जय जय सरस्वती भवानी। जय जय ब्रह्मस्वरूप बखानी॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय सरसुति शारद भवानी। हंस वाहि...
हनुमान चालीसा
हनुमान
॥ दोहा ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ बुद्धि...