मंत्र संग्रह
परब्रह्म

ॐ (ओंकार) मंत्र

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॥ ॐ मंत्र ॥ ॐ ॥ ॐ मंत्र विस्तार ॥ ॐ - अकार, उकार, मकार अ + उ + म = ॐ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥ (द्वादशाक्षरी मंत्र) ॥ ॐ नमः शिवाय ॥ ॐ नमः शिवाय॥ (पंचाक्षरी मंत्र) ॥ प्रणव मंत्र ॥ ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः ॐ तत्सत्॥ ॥ शांति मंत्र ॥ ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ ॥ असतो मा सद्गमय ॥ ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ ॥ पूर्णमदः मंत्र ॥ ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

लाभ

ॐ मंत्र जपाचे फायदे: • मन एकाग्र होते आणि ध्यान सुलभ होते • तणाव आणि चिंता कमी होतात • शरीरातील सकारात्मक ऊर्जा वाढते • चक्र जागृत होतात • रोज सकाळी ध्यानात ॐ चा जप करावा • २१ किंवा १०८ वेळा जप करावा • सर्व मंत्रांपूर्वी ॐ लावणे आवश्यक
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