आज का पंचांग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहु काल

पंचांग क्या है?

पंचांग वैदिक कैलेंडर का मूल है. ‘पंच’ यानी पाँच और ‘अंग’ यानी तत्व — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण. इन पाँच तत्वों के आधार पर शुभ-अशुभ समय और मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं.

तिथि

तिथि चंद्र और सूर्य के बीच १२° की दूरी को कहते हैं. एक चंद्र मास में ३० तिथियाँ होती हैं — प्रतिपदा से पूर्णिमा/अमावस्या तक, शुक्ल और कृष्ण पक्ष में विभाजित.

नक्षत्र

आकाश में चंद्रमा के पथ पर २७ नक्षत्र हैं, प्रत्येक को १३°२०′ मिलते हैं. जन्म नक्षत्र स्वभाव तय करता है; दैनिक नक्षत्र मुहूर्त के लिए उपयोग होता है.

योग और करण

योग सूर्य और चंद्र की रेखांश-योगफल है (२७ प्रकार); कुछ शुभ, कुछ अशुभ. करण अर्ध-तिथि है; दिनभर में ११ करण घूमते हैं.

राहु काल — अशुभ अवधि

राहु काल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) के १/८ भाग का अशुभ समय है — लगभग ९० मिनट. वार के अनुसार अलग-अलग भाग में पड़ता है. इस समय नया कार्य, यात्रा, निवेश न करें.

भाग्यवेध का पंचांग NASA JPL खगोलीय डेटा और लाहिरी अयनांश पर आधारित है.